फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,
मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,
मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ,
बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है,
आँख खुलते ही आपकी याद आती है,
खुशियों के फूल हो आपके आँचल में,
ये मेरे होंठों पे पहली फ़रियाद होती है।
साहिल पर खड़े-खड़े हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,
बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।
नफरत को हम प्यार देते है .....
प्यार पे खुशियाँ वार देते है ...
बहुत सोच समझकर हमसे कोई वादा करना..
" ऐ दोस्त " हम वादे पर जिदंगी गुजार देते है
गुनाह करके सज़ा से डरते हैं,
जहर पी के दवा से डरते हैं,
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं,
हम तो दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं,,,
दोस्ती हर चहरे की मीठी मुस्कान होती है,
दोस्ती ही सुख दुख की पहचान होती है,
रूठ भी गऐ हम तो दिल पर मत लेना,
क्योकि दोस्ती जरा सी नादान होती है...!!!
दोस्ती का रिश्ता दो अंजानो को जोड देता है,
हर कदम पर जिन्दगी को नया मोड देता है,
सच्चा दोस्त साथ देता है तब...
जब अपना साया भी साथ छोड देता है.
दोस्ती हर चहरे की मीठी मुस्कान होती है,
दोस्ती ही सुख दुख की पहचान होती है,
रूठ भी गऐ हम तो दिल पर मत लेना,
क्योकी दोस्ती जरा सी नादान होती है
एक हसीन पल की जरूरत है हमें,
बीते हुए कल की जरूरत है हमें,
सारा जहाँ रूठ गया हमसे..
जो कभी ना रूठे ऐसे दोस्त की जरूरत है हमें
क्युँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त,
क्युँ गम को बांट लेते है दोस्त,
ना रिश्ता खून का ना रिवाज से बंधा,
फिर भी जिन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त
दोस्तों की कमी को पहचानते है हम,
दुनियाँ के गमों को भी जानते है हम,
आप जैसे दोस्तों के ही सहारे..
आज भी हँस कर जीना जानते है हम
कुछ सालों बाद ना जाने क्या होगा,
ना जाने कौन दोस्त कहाँ होगा...
फिर मिलना हुआ तो मिलेगे यादों में,
जैसे सूखे हुए गुलाब मिले किताबों में.
नहीं बन जाता कोई अपना
...... यूँ ही दिल लगाने से,
करनी पड़ती है दुआ,
...सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,
रखना संभालकर ये याराना अपना,
टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से
और कभी तुझे ना भूलने का इरादा करते हैं,
मेरा रब मेरी नहीं किसी और की तो सुन ही लेगा ना,
ये सोच कर हर इक से तेरे लिए दुआ करवाया करते हैं
दोस्त जो है साथ फिर डर किस बात का है भला..
कभी कभी बस आप जुदा हो जाते हैं..
हमारे दिल में बस दर्द इस बात का हैं
दिल में तुम्हारे अपनी कमी छोड जाऐंगे,
आँखों में इंतज़ार की लकीर छोड जाऐंगे,
याद रखना मुझे ढूँढते फिरोगे एक दिन,
जिन्दगी में देस्ती की कहानी छोड जाऐंगे.
दोस्ती नज़रों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,
सितारों से हो तो उसे जन्नत रहते है,
हुसन से हो तो उसे महोब्बत कहते है,
और दोस्ती आप जैसे दोस्त से हो तो उसे किस्मत कहते है,
दिल टूटना सजा है महोब्बत की,
दिल जोडना अदा है दोस्ती की,
माँगे जो कुर्बानी वो है महोब्बत,
जो बिन माँगे हो जाऐ कुर्बान...
...वो है दोस्ती हमारी
ये दोस्ती चिराग है जलाऐ रखना
ये दोस्ती खुशबु है महकाऐ रखना,
हम रहें हमेशां आपके दिल में,
हमेशां इतनी जगह बनाऐ रखना
हर एक मोड पे हम गिरते थे किसी ने भी ना हमको उठाया था,
तब तूने ही सनम एक उमीद का दिया जलाया था,
अपने हर एक गम को छुपाकर मुझे जीना सिखाया था
वो मुझे चाहे मिल ही जाऐ जरूरी तो नहीं,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसो में,
वो सामने हो मेरी आँखो के जरूरी तो नहीं
क्युँ इक पल भी तुम बिन रहा नही जाता,
तुम्हारा एक दर्द भी मुझसे सहा नही जाता,
क्युँ इतना प्यार दिया है तुमने,
की तुम बिन मुझ से जिया नही जाता..।
चाँदनी रातों में कुछ भीगे ख्यालों की तरह,
मैने चाहा है तुम्हें दिन के उजालों की तरह,
गुजरे थे जो कुछ लम्हें तुम्हारे साथ,
मेरी यादों में चमकते हैं वो सितारों की तरह
मंजिलों से अपनी दूर ना जाना..
रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना..
जब भी जरूरत हो जिन्दगी में किसी अपने की..
हम अपने हैं ये भूल ना जाना
अपनी खुशीयां लुटा कर उस पे कुर्बान हो जाऊँ,
काश कुछ दिन उसके शहर में महमान हो जाऊँ,
वो अपना नायाब दिल मुझ को दे दें
...................और फिर वापस माँगे
मै मुक्कर जाऊँ और बेईमान हो जाऊँ
क्या नशा है इश्क आज तक समझ ना पाये हम,
उन नशीली आँखों में कहीं हो ना जाऐं गुम,
युँ तो इश्क समझ नहीं आता ना जाने क्या बला थी ये,
कि जुदा होने पे उनकी ये आँखे हो गई है नम..
मेरी हर एक अदा में छुपी थी मेरी तमन्ना,
तुम ने महसुस ना की ये और बात है,
मैने हर दम तेरे ही ख्वाब देखें,
मुझे ताबीर ना मिली ये और बात है,
मैने जब भी तुझ से बात करनी चाही,
मुझे अलफाज़ ना मिले ये और बात है,
कुदरत ने लिखा था मुझको तेरी तमन्ना में
मेरी किस्मत में तु ना थी ये और बात है
तारों में अकेले चाँद जगमगाता है,
मुश्किलों में अकेला इन्सान डगमगाता है,
काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त,
क्योंकि काँटों में ही एक गुलाब मुस्कुराता है
कोई रिश्ता नया या पुराना नहीं होता,
जिन्दगी का हर पल सुहाना कितना होता,
जुदा होना तो किस्मत की बात है..
पर जुदाई का मतलब भूलाना नहीं होता
तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ..
जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ..
मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह..
तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ
कैसे बयां करू अलफाज़ नहीं हैं,
दर्द का मेरे तुझे ऐहसास नही है,
पुछते हो मुझसे क्या दर्द है.?
मुझे दर्द ये ही की तु मेरे पास नही है
मुबारक हो आपको ये सुहानी रात,
सपनो में होगी हमारी आपसे मुलाकात..
युँ तो बहुत कुछ है कहने को लेकिन,
सोचते है जब आप सामने आओगे तो क्या करेंगे बात
युँही बे सबाब ना फिरा करो,
कोई शाम घर भी रहा करो..
वो गज़ल की सच्ची किताब है,
उसे छुपके-छुपके पड़ा करो..
मुझे इश्तिहार सी लगती हैं..
ये महोब्बतों की कहनीयाँ..
जो सुना नहीं वो कहा करो..
जो कहा नहीं वो सुना करो.
ना जाने क्यों वो हमसे मुस्कुरा के मिलते हैं,
अन्दर के सारे गम छुपा के मिलते हैं,
जानते हैं आँखे सच बोल जाती हैं,
शायद इसी लिए वो नज़र झुका के मिलतें हैं ...
वफा के बदले बेवफाई ना दिया करो..
मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया करो..
तेरी महोब्त में हम सब कुछ खो बैठे..
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया करो
अगर जो दिल की सुनो तो हार जाओगे..
हम जैसा प्यार फिर कहाँ से पाओगे..
जान देने की बात को हर कोई करता है..
जिन्दगी बनाने वाला कहाँ से लाओगे..
जो इक नज़र देखोगे हमें..
हर तरफ हमको ही पाओगे..
यकीं अपनी चाहत का इतना है मुझे..
मेरी आँखो में झाँकोगे और लौट आओगे..
मेरी यादों के समंदर में जो डूब गऐ तुम..
कहीं जाना भी चाहोगे तो जा नहीं पाओगे
वो कहते हैं दिल पे भरोसा इतना नहीं करते,
हम कहते हैं महोब्बत में सोचा नहीं करते,
वो कहते हैं नज़रों से दूर पर दिल के पास हुँ,
हमने कहा सपनो से दिल को बहलाया नहीं करते
मिलने आऐंगे आपसे खवाबो में,
ज़रा रोशनी के दीये बुझा दीजीऐ..
आब ओर नहीं होता इंतजार आपसे मुलाकात का,
आपनी आँखों के पर्दे ज़रा गिरा दीजीऐ
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