Ajeeb Tarah se Socha tha Zindgi k Liye
Jeena marna tha Sirf Usi k Liye
Wo mujhko TANHA Chor Gya to Yaqeen Aya
K Nijjar Koi Bhi Nahi Marta Kisi K Liye
Hum hai teyaar har saja ke liye,
or kya kahe us bewafa ke liye,
hakikat mein na sahi khaab mein hi shi,
nijjar bus ek bar aaja khuda ke liye.
गम ने हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!
थक के जब सितारों से पनाह ली!
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
Wo yuhi ruth gaya,
sare armaan mere lut gaya.
nafrat ka dhong aisa dikhaya,
ki wo pathar bankar jine laga,
aur Nijjar shisha bankar tut gaya....
बेताब तमन्नाओ की कसक रहने दो!
मंजिल को पाने की कसक रहने दो!
आप चाहे रहो नज़रों से दूर!
पर मेरी आँखों में अपनी एक झलक रहने दो!
वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे!
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे!
दूर से जब इतना याद करते है आपको!
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?
कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है!
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है!
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से, तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है
Ye hadsa bhi zindagi me ana tha,
usay kahin na kahin tu bichar jana tha,
wo ek shakhs tarsay ga mujhe sari zindagi,
naseeb us ka usne Nijjar ko gawana tha....
Itne Hasin Khwab Na Dikhao Mujhe
Khwabo Ko Ek din Toot Jana Hai
Mana Akhri Saans Tak To Main Sath Hu
Lekin Sanso Ko Bhi To Ek Din Rooth Jana Hai.
आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है!
इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है!
कोई संभाले मुझे, बहक रहे है मेरे कदम!
वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!
Ab to hasne Ka armaan hi rula deta H,
Jo b milta H dil Ko dukha deta H,
Waise b aisa kya H mujhme jo yaad kre duniya,
nijjar Waqt to achhe-achhon Ko bhula deta H....
इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!
सौ दुश्मन बनाए हमने,किसी ने कुछ नही कहा..!! एक को हमसफर क्या बनाया,सौ ऊँगली उठ गई..
ये “ शायरी ” लिखना उनका काम नहीं, जिनके “ दिल ” आँखों में बसा करते हैं. “शायरी” तो वो शख्स लिखते है, जो शराब से नहीं “कलम” से नशा करते है..
भरोसा टूट जाता है ,तो कुछ "बाकी" नहीं रहता...
ये वो कागज है ,जिसका कोई "कापी" नहीं रहता...
💐
तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में.. लबों तक आते आते, तुम ग़ैर हो गए.!P.
Uuuuuffffffff...... Usk ruthne ki aadaye bhi,
Kya gajab ki h......
Baat baat par ye kahna ,
Soch lo....
Fir m baat nhi karungi
तुमसे टूटेगा न इस शब् की सियाही का तिलिस्म मैंने पहले ही कहा था कि जला लो मुझको
Muskuraht ko bahot kuch chipana aata h.....
Aankho ne ye hunar, kabhi sikha hi nhi......
Ap jis par aankh bnd kar k bharosa karte ho
Aksar
Wahi apki aankhe khol jata h.....
Khuda ka shukra hai ki
Khwab bna diya.....
Warna
Tumhe dekhne ki to bus
Hasrat hi rh jati
Chalo hm glt the ye man lete h............
-----ye jindagi-------
Par ek baat bta kya wo shaksh sahi tha....
Jo badal gya etna karib aane k baad....!!!!
Jab wo mera name apne
Haatho
Ki lakiro maine talash
Kark thak gai.....
To dheere se sar jhukayi
Aur
Muskura kar boli lakire
Jhut
Bolti h tum mere ho na........
" dil tutne par bhi jo shaksh apse shikayat tak na kare,.........
Us se jyada mohabbat apko koi aur nhi kar skta.........!"
Sun pagli tera mera pyar to FLOP ho gya....
Lekin
Teri yaad me likhe
Sare STATES hit ho gye....
Khud me jhakne k liye jigar chahiye.............
Dusro ki sinakht me to........
.....har shaksh mahir h......
Ye bewafa.......
Bhula to diya mujhe
Fir kyo sochte ho mere baare me itna
Jis din tumnw mujhe bhula diya
Us din se maine bhi apna rasta badal kar diya
Kya ajeeb si zid hai....
Ham dono ki..
😍😘
Teri tamanna mujhse juda hone ki...
Aur
Meri tamanna tere liye tabha hone ki...😜😝😜😝😜
Gam is baat ka nhi ki tum bewafa nikli
Magar afsos ye h ki
Wo sab log sach nikle
Jinse m tere liye lada karta tha
वैसे तो बहुत मशहूर है हमारे अल्फाजों की तासीर
फिर भी एक शख्स है कि हमसे मनाया नहीं जाता...!!
जहां हो, जैसे हो, वहीं ....वैसे ही रहना तुम , . तुम्हें पाना जरुरी नहीं....तुम्हारा होना ही काफी है !
मौसम मिज़ाज गुलज़ार कर गयी,
तुम मुस्कुरा कर अभी अभी क़र्ज़दार कर गयी..
लोग डरते है मुझसे.. अक्सर सच कह देता हूँ..❤👈
इश्क़ का मरीज हूँ.. अक्सर कड़वा लिख देता हूँ..❤👈
कहती थी फिर नही मिलूंगी..
जूठी कही की..
रोज ख्वाबो में आती है मिलने के लिए..!!
गलत आदमी से
कितना भी सही रिश्ता हो,
कष्ट ही देगा...!!
तुझसे अच्छे तो ज़ख़्म हैं मेरे..
उतनी ही तक़लीफ़ देते हैं..
जितनी बर्दास्त कर सकूँ...
मुझे भीख की खुशियाँ मंज़ूर नहीं,
मैं जीता हूँ अपनी तकलीफों में भी नवाबों की तरह…
आईना भी टूट कर कहं गया मुझे.............
तेरी ये झूठी मुस्कान अब बर्दाश्त नहीं होती........
🌹एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई .. एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं..🌹
👆तेरी यादों की दुनिया में बहुत महफूज रहते हैं...
👉जहां न कुछ खोने का डर है न अब कुछ पाने की तमन्ना...😘
❤👌🏻❤शायरी से इस्तीफा दे रहा हूँ साहब
किसी बेवफा ने फिर वफ़ा का वादा किया है..❤👌🏻❤
मुस्कुराती तस्वीर में भी मेरी नम आँख पहचान ली .........
वाह साँवरे तुमने मेरी शख्सियत पहचान ही ली
सब को चेन की नींद सोता हुवा देख
कर ,...
ये एहसास होता है की मेरा कसूर सिर्फ
महोब्बत का है ....
ये आशिको का शहर हैं,,
जनाब..!
यहाँ सवेरा सूरज से नहीँ
किसी के दीदार से होता हैं..
हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला;
हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला!
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी;
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला!
मैंने प्यार किया बड़े होश के साथ!
मैंने प्यार किया बड़े जोश के साथ!
पर हम अब प्यार करेंगे बड़ी सोच के साथ!
क्योंकि कल उसे देखा मैंने किसी और के साथ!
Ho chuki mulakaat abhi salaam baaki hai
Tumhare naam ki do ghoont sharaab baki hai
Tumko mubarak ho khushiyoon ka shamyaana
Mere naseeb me abhi do gaz zameen baki hai…
और कभी तुझे ना भूलने का इरादा करते हैं,
मेरा रब मेरी नहीं किसी और की तो सुन ही लेगा ना,
ये सोच कर हर इक से तेरे लिए दुआ करवाया करते हैं
ये दोस्ती चिराग है जलाऐ रखना
ये दोस्ती खुशबु है महकाऐ रखना,
हम रहें हमेशां आपके दिल में,
हमेशां इतनी जगह बनाऐ रखना
नहीं बन जाता कोई अपना
...... यूँ ही दिल लगाने से,
करनी पड़ती है दुआ,
...सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,
रखना संभालकर ये याराना अपना,
टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से
कोई तो बुक ऐसी मिलती जिस पे दिल लुटा देते;
हर सब्जेक्ट ने दिमाग़ खाया किसी एक को निपटा देते;
अब सेलेबस देख कर ये सोचते हैं कि;
एक महीना ओर होता तो दुनिया हिला देते।
दोस्त जो है साथ फिर डर किस बात का है भला..
कभी कभी बस आप जुदा हो जाते हैं..
हमारे दिल में बस दर्द इस बात का हैं
हर एक मोड पे हम गिरते थे किसी ने भी ना हमको उठाया था,
तब तूने ही सनम एक उमीद का दिया जलाया था,
अपने हर एक गम को छुपाकर मुझे जीना सिखाया था
वो मुझे चाहे मिल ही जाऐ जरूरी तो नहीं,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसो में,
वो सामने हो मेरी आँखो के जरूरी तो नहीं
क्या खूब अपनापन हे इस दुनिया मे यारो?
जिनके साथ बचपन बित गया वो
आज पहचान देने से डरते हे...
जिनको में कभी जानता तक नहीं था
वो इस ग्रुप में मेरे अजीज यार बन गए हे..!!😥🎻
ज़रूरी नहीं जो ख़ुशी दे उसी से प्यार हो,😔
सच्ची मोहोबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाले से ही होती है......😥
ढलने को आई शाम तो डर सताने लगा...
कहीं फिर तेरी यादों में सुबह ना हो जाये....
❤👌🏻❤शायरी से इस्तीफा दे रहा हूँ साहब
किसी बेवफा ने फिर वफ़ा का वादा किया है..❤👌🏻❤
अनकहे शब्दों के बोझ से थक जाता हूँ कभी...,
ना जाने खामोश रहना समझदारी है या मजबूरी..? "
🌹एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई .. एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं..🌹
कितना प्यारा वो वादा था,, हक तेरा मुझपे__मुझसे ज्यादा था..
चोट अगर लगती थी मुझे,, दर्द होता तूझको__मुझसे ज्यादा था...🍃
सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,
जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना…
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