रिश्ते तोड़ देना हमारी फितरत में नही,
हम तो बदनाम हैं रिश्ते निभाने के लिए...।।।
ऐ खुदा उनके हर एक लम्हे की हिफाजत करना,,,
मासूम सा चेहरा हे उदास अच्छा नही लगता...
रिश्ते तोड़ देना हमारी फितरत मे नही...
हम तो बदनाम हैं रिश्ते निभाने के लिए...
ज़िन्दगी में कई ऐसे लोग भी मिलते हैं
जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं...
कितने चेहरे है इस दुनिया में लेकिन हमको एक चेहरा ही नज़र आता है
हम रातों की नींद और दिन का सुकून खो बैठे
वो मुसाफिर था कभी लौट कर आया ही नही
👣💝👣®👣💝👣
पहले जो था , वो सिर्फ तुम्हारी तलाश थी
लेकिन जो तुमसे मिलके हुआ है , यह इश्क़ है
तू सूरज है तुझे क्या पता रात का दर्द, कभी उतर मेरे आशियाने में शाम के बाद..
तुम्हारी यादों से केहना आज छुटी दे दे , बेवजह जुदाई हम बर्दास्त नही कर पायेंगे ।
दर्द की भी अपनी एक अदा है
वो भी सहने वालों पर ही फिदा है।,,,,,🌹
अकसर वही रिश्ता लाजवाब होता है...
जो ज़माने से नहीं....ज़ज़्बातों से जन्मा होता
मैंने पूछा पगली मुहब्बत कितनी करती हो तुम मुझसे, मुस्करा के बोली, पागल...खुशबू के पैमाने नहीं होते.
हमें तो प्यार के दो लफ्ज ही नसीब नहीं, और ... बदनाम ऐसे जैसे इश्क के बादशाह थे हम..!
नसीब का # प्यार ,
और
गरीब की # दोस्ती ,
कभी धोका नहीं देती..
कोई तो है जो हमे #Dua मे माँग रहा है....
वरना ऐसे ही थोडी हम #Single है.....
प्यार में मेरे सब्र का इम्तेहान तो देखो.. वो मेरी ही बाँहों में सो गए किसी और के लिए रोते रोते …।
रिश्ते तोड़ देना हमारी फितरत मे नही...
हम तो बदनाम हैं रिश्ते निभाने के लिए...
"जब से परीक्षा वाली जिंदगी पूरी हुई है,
तब से जिंदगी की परीक्षा शुरु हो गई है.....
तुम आओ जानम, दस्तक तो दो दर-ए-दिल पर,
प्यार उम्मीद से कम हो तो सजा-ए-मौत दे देना l
तुम्हारी यादों से केहना आज छुटी दे दे , बेवजह जुदाई हम बर्दास्त नही कर पायेंगे ।
मेरा एक हाथ पूरी दुनिया से लडने के लिये काफी है..
एकबार तू दूसरा थामकर तो देख…
मत खोज मुझमें कमजोरियाँ ए मेरे दोस्त
एक तू भी शामिल है मेरी कमजोरियों में👒
ऐ नसीब एक बात तो बता जरा, सब को आजमाता है या मुझसे ही दुश्मनी है !!
तू कर मुझसे वादा आने का मेरी मौत पर!!!
फिर देख मेरी भी जिद तुझे आज ही ना बुला लू तो कहना!!!
❤खूबसूरत हम नहीं, यकीं मानो, तुम्हारा इश्क है,
जो नूर बनकर हमारी आँखों से छलकता है❤
Comments
Post a Comment