तकलीफ मेँ साथ देने वाले को भले ही भूल जाओ,
मगर तकलीफ देने वाले को कभी मत भूलना..
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली... अगर सबूत देने पर आया तो तू बदनाम हो जायेगी...
एक तुमको ही चाहा था मैंने इस जमाने से लड़कर, और तुमने ही ज़माने से मिलकर मुझे तन्हा कर दिया…!
परेशां तो तुम्हारी ही तरह हम भी बहुत है..!
लेकिन...मुस्कुरा देने मे क्या जाता है....
कुछ तो खास है तूझमे जो तुझे मुझसे जोड़े रखता है...
वर्ना इतना माफ तो मैने खुद को भी नही किया....
मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं, मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी हैं !!
तेरे ग़म में तड़प कर मर जायेंगे;
मर गए तो तेरा नाम ले जायेंगे;
रिश्वत देकर तुझे भी बुलायेंगे;
तुम ऊपर आओगे तो साथ बैठकर कुरकुरे खायेंगे।
कितना शरीफ शख्श है;
पत्नी पे फ़िदा है;
उस पे ये कमाल है कि;
अपनी पे फ़िदा है।
हम दुआ करते हैं खुदा से;
कि वो आप जैसा दोस्त और ना बनाए;
एक कार्टून जैसी चीज़ जो हमारे पास है;
कहीं वो भी कॉमन ना हो जाए!
तेरे बारे में सोचा तो मुझे एक ख्याल आया;
तुझे मैंने दोस्त बना के ज़िन्दगी में क्या पाया;
बाकी बातों को तो तू मार गोली;
पहले ये बता तूने पड़ोस वाली आइटम को कैसे पटाया!
आज तुम पे आंसुओं की बरसात होगी;
फिर वही कड़कती रात होगी;
SMS ना करके तूने दिल दुखाया है मेरा;
जा तेरे बदन में खुजली सारी रात होगी!
मोहब्बत करने वालों को इनकार अच्छा नहीं लगता;
इस दुनिया के बाशिंदों को इकरार अच्छा नहीं लगता;
जब तक लड़का भगा नहीं ले जाए लड़की को;
तब तक लोगों को प्यार सच्चा नहीं लगता!
वो मंदिर भी जाता है और मस्जिद भी:
परेशान पति का, कोई मज़हब नहीं होता।
पानी में विस्की मिलाओ तो नशा चढ़ता है;
पानी में रम मिलाओ तो नशा चढ़ता है;
पानी में ब्रेंड़ी मिलाओ तो नशा चढ़ता है;
साला पानी में ही कुछ गड़बड़ है।
अर्ज किया है,
ए सुनामी जरुरत नहीं तेरी इन;
खौफ़नाक लहरों की;
जिंदगी में खौफ़ लाने के लिए;
तो घरवाली ही काफी है।
पी लेंगे तुम्हारा हर एक आंसू;
कभी अपनी महफ़िल में बैठाकर तो देखो;
भाभी कहोगे तुम अपनी गर्लफ्रेंड को;
कभी हमसे मिलाकर तो देखो!
वो कहती थी कि मैं तुम्हारी जिन्दगी को जन्नत;
बना दूंगी, बनानी तो उसे मैगी भी नहीं आती थी;
लेकिन मैडम का आत्मविश्वास तो देखो।
बहुत खूबसूरत हो तुम;
खुद को दुनिया की बुरी नज़रों से बचाया करो;
सिर्फ आँखों में काजल ही काफी नहीं;
गले में नींबू, मिर्च और चप्पल भी लटकाया करो।
हमेशा ज़िन्दगी में मुस्कुराते रहो;
हर इंसान को अपना बनाते रहो;
जब तक कोई कार वाली ना बने तुम्हारी गर्लफ्रेंड;
तब तक स्कूटर वाली से ही काम चलाते रहो!
ये “ शायरी ” लिखना उनका काम नहीं, जिनके “ दिल ” आँखों में बसा करते हैं. “शायरी” तो वो शख्स लिखते है, जो शराब से नहीं “कलम” से नशा करते है..
सब कहते हैं - 'अकेले आये हैं'. 'अकेले जायेंगे' पर सच यह है कि - दो लोगों के बिना कोई आता नहीं, और. . . चार लोगों के बिना कोई जाता नहीं:)
😊मुस्कुराओ..... क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते है”
😊मुस्कुराओ..... क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और मुस्कुराकर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते
😊मुस्कुराओ.... क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है। एक पशु कभी भी नहीं मुस्कुरा सकता।”
😊मुस्कुराओ..... क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है।”
सारी उम्र पूजते रहे लोग अपने हाथ से बने उस पत्थर के खुदा को.....हमने खुदा के हाथ से बने हुए एक को चाहा तो हम गुनहगार हो गए..
लोग रोज हाथ_काटते है अपना प्यार
साबित करने के लिए...!
पर कोई सुई भी नहीं_चुभने देता रक्तदान के
लिए...!!!
👣
जब किसी और के खून से बचती हे अपनो की जान,
तब समझ आता है क्या होता हे रक्तदान ||
👣
सब शायर खामोश हैं ऐसे
किसी बेवफा ने ज़हर दे दिया हो जैसे
मेरा वजूद नहीं किसी तलवार और तख़्त ओ ताज का मोहताज, में अपने हुनर और होंठो की हंसी से लोगो के दिल पे राज करता हैं..
®👈 कुछ तो खास है तूझमे जो तुझे मुझसे जोड़े रखता है...
वर्ना इतना माफ तो मैने खुद को भी नही किया....
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली... अगर सबूत देने पर आया तो तू बदनाम हो जायेगी...
एक तुमको ही चाहा था मैंने इस जमाने से लड़कर, और तुमने ही ज़माने से मिलकर मुझे तन्हा कर दिया…!
परेशां तो तुम्हारी ही तरह हम भी बहुत है..!
लेकिन...मुस्कुरा देने मे क्या जाता है....
मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं, मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी हैं !!
ना जाने लोग क्यूँ मेरी शराब छुड़ाना चाहते हैं,,,
गम के मारे आशिक को क्यूँ और सताना चाहते हैं...
अगर दो_दिल होते मेरे सीने
में,
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तो दूसरा उसकी बेबे के नाम कर देता,
वा भी कसूती_गंडास सै !!
सब कुछ हासिल नहीं होता
ज़िन्दगी में यहां ,
किसी का 'काश' तो
किसी का 'अगर' छूट ही जाता है!
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