परेशान न हो मै "गम' मे नहीं हूँ....
सिर्फ मुस्कराने की "आदत" चली गई है....
आज खुशीयों की कोई बधाई देगा, निकला है चाँद तो दिखाई देगा, ऐ दोस्त दोस्ती की है हमने आपसे, आपका ऐक आँसु भी गिरा तो सुनाई देगा..
आज उसे एहसास मेरी मोहब्बत का हुआ शहर में जब चर्चा....मेरी शोहरत का हुआ, नाम नहीं लेती.....मुझे अब जान कहती है देखो कितना असर उसपर दौलत का हुआ..
ना ये महफिल अजीब है, ना ये मंजर अजीब है, जो उसने चलाया वो खंजर अजीब है, ना डूबने देता है, ना उबरने देता है, उसकी आँखों का वो समंदर अजीब है...
प्यार के उजाले में गम का अंधेरा क्युँ है, जिसको हम चाहें वही रूलाता क्युँ है, मेरे रबा अगर वो मेरा नसीब नही तो.. ऐसे लोगों से हमें मिलाता क्युँ है..
दिल के जख्मों को उनसे छुपाना पड़ा, पलके भीगीं थी पर मुस्कुराना पड़ा, कैसे उल्टे हैं महोब्बत के ये रिवाज? रूठना चाहते थे पर उनको मनाना पड़ा...
हो गई थी दिल को कुछ उम्मीद सी
तुमसे...
खैर तुमने जो किया अच्छा किया..
पहले लोगों की #इज्जत उनके हाथ
में रहती थी, आजकल
" #मैमोरी कार्ड" में रहती है.'ll
हर किसी को खुश करना शायद हमारे बस में ना हो, लेकिन किसी को हमारी वजह से दुःख ना पहुँचे, यह तो हमारे बस में है।
शरमा के झुक रही है नजरें.....
कहा था ना इतने करीब ना आया
करो......
मेरी आँखों के समंदर में जलन कैसी है, आज फिर दिल को तडपने की लगन कैसी है, अब इस राह पे चिरागों की कतारे भी नहीं, अब तेरे शहर की गलियों मे घुटन कैसी है...
इतनी आसानी से कैसे भुल जाता है कोई, रह-रह कर क्यों याद आता है कोई, उमर भर याद करते रहेंगे आपको, देखते है कब तक हमें भुलाता है कोई.
वो सुना रहे थे अपनी वफाओ के किस्से....
हम पर
नज़र
पड़ी तो खामोश हो गए... 😕😕
सबके दिल की कहानी बयान करती है, महोब्बत दिवानों को सिर्फ बदनाम करती है, इस बदनामी के बावजूद जो भी यहाँ महोब्बत करता है, उन्हीं दिवानो को मरने के बाद दुनियाँ सलाम करती है..
वो पास आते तो हम बात कर लेते, वो साथ रहते तो हम प्यार कर लेते, क्या मजबूरी रही जो वो चले गऐ, वजह तो बताते हम इन्तजार कर लेते...
मैनें तो सिर्फ उसका Heart चोरी किया था, लेकिन अब तो वो पगली मेरा SurName चोरी करने की Planning मे हैं..
यूं मुसकुरा के मेरे सामने से ना निकला करो जालिम,
ये दिल तो समझ जाता है..
पर लंड को समझाने में हाथों की मां चुद जाती है।
नींद आए या ना आए, चिराग बुझा दिया करो, यूँ रात भर किसी का जलना, हमसे देखा नहीं जाता....!!!! -
उनकी चाहत में दिल मजबूर हो गया, बेवफाई करना उनका दस्तूर हो गया, कसूर उनका नहीं था मेरा था.. हमने चाहा ही इतना... कि शायद उनको गरूर हो गया...
इक ये ‘कोशिश’, कि कोई देख ना ले ‘दिल के जख्म’,इक ‘ख्वाहिश’ ये कि ‘काश’ कोई देखने वाला होता।
बिखरा दिया था दिन ने कही ...
अब समेटती फिरेगी रात ये मुझको ..
👣
अपनी औकात मे रहे ए वक्त……..याद रख-तेरे साथ साथ..”मै” भी बदलूंगा…।।।
कहना है आज तुमसे , फिर किसी से ये कहना
नही , रहना है साथ तेरे , वरना दुनियाँ में रहना
नही💔👈
रातें रोज़ रात को लौट आती हैं ....
नींदों को मेरी रोज़ छेड़ने को ....
👣
📢सुनो ना 👌🏼😞
मत खोल मेरी किसमत कि किताब को…!!!📒
हर शख्स
ने दिल💔 दुखाया जिस पर मुझे नाज था…!!!😪😥
ये हुस्न तेरा और निखर जाएगा
करीब आया ग़र जो मैं तेरी चाहत का आईना बनकर
ऐ चाँद सुनो कुछ बात करों...
तेरी बात चले मेरी रात कटें..!
👣
कितने सालों के इंतज़ार का सफर खाक हुआ । उसने जब पूछा “कहो कैसे आना हुआ”।
किसी को क्या बताये की कितने मजबूरहै हम..!!..
चाहा था सिर्फ एक तुमको और अबतुम से ही दूर है हम..!!
बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं…!
ख़ुशियाँ तो उँगलियों पे कई बार गिन चुके पर ग़म हैं बेशुमार, ग़मों का हिसाब क्या
काश कही से मिल जाते वो अलफ़ाज़हमे भी..!!|
जो तुझे बता सकते कि हम शायर कम,तेरे दीवाने ज्यादा है
हमसे क्या पूछते हो हमको किधर जाना है हम तो ख़ुशबू हैं बहरहाल बिखर जाना है
सुना है वह भी भटकता रहा हमारी तरह मिला न दूर तलक कोई रास्ता उसको
" कृपा सभी लोग ग्रुप में अपनी उपस्थिती अवशय दर्ज करावे"।
धन्यवाद🙏🙏🙏🙏🙏
जी भर गया है तो बता दो ,हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!.
सारी उम्र पूजते रहे लोग अपने हाथ से बने उस पत्थर के खुदा को.....हमने खुदा के हाथ से बने हुए एक को चाहा तो हम गुनहगार हो गए..
मैं भी कभी हँसता, खेलता था,कल एक पुरानी तस्वीर में देखा था खुद को..
हमे जब नींद आएगी तो इस कदर सोएंगे के लोग रोएंगे हमे जगाने के लिए…!!.
हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं , कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं..
तन्हा रहना तो , मोहब्बत वालो की एक रस्म है , अगर फूल सिर्फ खुशी के लिये होते तो , जनाजे पर न डाले जाते ..
इतनी सीमेंट है आजकल शहरों की हवाओं में , कब दिल पत्थर का हो जाता है पता ही नही चलता ..
दे दिया इश्क़ की नौकरी से इस्तीफ़ा हमनें कि अभी उम्र नहीं ...इतनें गम कमाने की..
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