हमारी नियत का पता तुम क्या लगाओगे गालिब.... हम तो नर्सरी में थे तब भी मैडम अपना पल्लू सही रखती थी...।
♚जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ,
किस्मत की रोटी तो कुत्तेको भी नसीब होती है.!!★★
"" मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो
रास्ते हमेशा पैरों के नीचे होते हैं!
जो निखर कर बिखर जाये वो "कर्तव्य" है और...
जो बिखर कर निखर जाये वो "व्यक्तित्व" है |"
मैंने कुछ पुराने ख़त और लिफ़ाफ़े रखें हैं अब भी
संभालकर......
कल बच्चे ये न पूछ ले.... डाकिया कौन था....
आवारगी छोड़ दी हमने ज़माना भूलने लगा है
हमारे नाम की भी शोहरत थी
जब हम बदनाम हुआ करते थे
हम तो आशिक लोग है.....
हमारे हाथो मे जख्म पहले लिखे जाते है तकदीर बाद में.....
अपनी बेबसी केसै बताएँ यारो ,
ज्यादा हँस भी ले तो भी # मा
ँबोलती है,
हरामखोर आज किस छोरी को # नम्बर दे
आया.......!!
हे वीर ,
तेरा ऐसा भी क्या रिश्ता है,
दर्द कोई भी हो, याद तेरी ही आती है ।।
" अबोध "
"उसका इल्जाम है
वह लगातार ताकता है मुझे
लेकिन यह तो बता
की ' मै ताकता हूँ'
यह पता कैसे चला तुझे"
एक boyfriend की दुआ...
ससुराल मे तुम खुश रहना........
ओर
मायके आओ तो टच मे रहना
साबित नहीं होती "मोहब्बत" ,, एक दुसरे के मिलने पर ..
सब निर्भर करता है ,, जाते वक़्त उसके मुड्कर देखने पर ..
मैं आदत हु उसकी,
वो जरुरत है मेरी,
मैं फ़रमाईश हु उसकी,
वो इबादत है मेरी...
इतनी आसानी से कैसे निकाल दू उसे अपने दिल से,
मैं ख्वाब हुं उसका,
वो हकीकत है मेरी...
कफ़न को मेरे चहरे से उतार कर आखरी बार दीदार तो कर लो
बन्द हो गयी है वो आँखे जिनको तुम रुलाया करती थी
शाम ढले ये सोच के बैठे हम तेरी तस्वीर के पास,
सारी ग़ज़लें बैठी होंगी अपने अपने मीर के पास !!
जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे
हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे
की ही तलाश क्यों..?
पत्नी (पति से)- रात को आप शराब पीकर गटर में गिर गए थे। पति (पत्नी से)- क्या बताऊं, सब गलत संगत का असर है, हम 4 दोस्त….1 बोतल, और वो तीनों कम्बख्त पीते नही।
हर वक्त मेरी खोज में रहती है तेरी याद... तूने
तो मेरे वजूद की तन्हाई भी छीन ली...
#अमीर के घर का #कौआ
सबको #मोर लगता है,
#गरीब जब #भूखा होता है,
तो सबको #चोर लगता है.........
आओ मिलकर मोहब्बत को आग लगा दें,
कि फिर ना तबाह हो किसी मासूम की जिंदगी।
मुझे पता हे खुदा तूने उसे मेरी तक़दीर में नहीं लिखा..
फिर हरबार यु इतफ़ाक से हमको मिलवा क्यू देता है...
तू भी कभी महसूस कर क्या है बिखरने कीतड़प..............एक रोज़ बाज़ी यूँ सजे ! शीशा तेरा पत्थरमेरा........!!
[तेरी महफिल से उठे तो किसी को खबर तक नही थी!
तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमे बदनाम कर गया
मेरी हया ही मेरे इश्क का सबुत है
नाम लेके किसी को बदनाम करना हमें नहीं आता
मुद्दत बाद मिले हम ...
और उसने कहा "तुझे भूल
जाना चाहती हूँ मैं"
आंसू आ गए मेरी आंखों में ये सोचकर....
कि इसे अब
तक
याद हूं मैं...!!..
ना जाने क्यों अपने भी तन्हा छोड़ देते उस वक्त ।। जब मुझे उनकी मेरी उदासी में बहुत जरूरत होती हे ।।
मत सोच इतना जिन्दगी के बारे में,
जिसने जिन्दगी दी है उसने भी तो कुछ सोचा ही होगा..!!
मत फैंक बिछी हुई हरी चादर पर एक चवन्नी ऐ दोस्त,
किसी दिन बम बनकर तेरे ऊपर ही बरसेगी।
मौसम बदला तो बरसात आने लगी,शिखरजी की याद मुझे रह रह कर सताने लगी,मैंने छू कर देखा बारिश के बूंदो को,हर बूँद में मुझे पारस बाबा की तस्वीर नज़र आने लगी!
बारुद जैसी है मेरी शक्शीयत ..
जहा से गुजरता हुं,
लोग जलना शुरु कर देते हैं !!
बुरे वक़्त में भी एक अच्छाई होती है… जैसे ही ये आता है.फ़ालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं…!!!💞
जाने रब ने कैसी किस्मत लिखी है।।
तमन्नाओं की उम्र में... तजुर्बें सिख रहे है।।।।
सियासत को लहू पीने की लत है...
वरना मुल्क़ में सब खैरियत है....
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो.. मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है..
Tahzeeb sikhati h jeene ka salika...
Taleem se jahil ki jahalt nhi jati...
"चंद खामोश ख्याल और तेरी बाते...
खुद से गुफ्तगू में गुज़र जाती हैं रातें..
कोई रासता नहीं,दुआ के सिवा।
कोई सुनता नहीं खुदा के सिवा।।।।
धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल
अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका..
अगर मेरे और मेरे भाई पर # ऊगली उठी तो काट
दुगा और
# लडकी बीच मे आई तो # कागज कि तरह
# फाड दुगा
प्यार मे जान तो चूतिये देते हे...
होशियार बच्चे तो चोद के हलके होते हे
खुदाने कहा दोस्ती न कर दोस्तो की
भीड मेँ तु खो जायेगा,
मेने कहा कभी जमीन पर आकर मेरे दोस्तो से तो
मिल....
तु भी उपर जाना भुल जायेगा.....
“दुवा” कभी खाली नही जाती….बस लोग ईन्तजार नही करते….
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..
वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..
मुझे फिक्र नही,कि दुनिया के लिए खूबसूरत नही मै...
"मुझे गुरुर है,कि इक मा का खूबसूरत बेटा हू मै"..
मुझे फिक्र नही,कि दुनिया के लिए खूबसूरत नही मै...
"मुझे गुरुर है,कि इक मा का खूबसूरत बेटा हू मै" 😉
मै बैठूंगा जरूर महफ़िल में पर पीऊंगा नही 🍺🍻
क्योंकि मेरा ग़म मिटा दे,
इतनी शराब की औकात नही... 🍻🍺
अगर धन-दौलत रुपया पैसा ही खुशहाल होने का सीक्रेट होता,तोअमीर लोग सड़को पर नाचते दिखाई पड़ते,लेकिन सिर्फ गरीब बच्चे ऐसा करते दिखाई देते है ।
💞"रात सुबह का इंतज़ार नहीं करती",
"खुशबु मौसम का इंतज़ार नहीं करती".!
"जो भी ख़ुशी मिले उसका आनंद लिया करो",,
"क्योंकि जिंदगी वक़्त का इंतज़ार नहीं
करती"..!💞
परेशानी में कोई सलाह मांगे,
तो सलाह के साथ अपना साथ भी देना,
क्योकि
सलाह गलत हो सकती है
"साथ नहीं"..
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